जब किसी के दांत नहीं होते हैं तो उस व्यक्ति के लिए बहुत बड़ी समस्या उत्पन्न हो जाती है। उसके चेहरे की मुस्कान खो जाती है। वो लोगों से बात करने से कतराता है। उसके अंदर आत्मविश्वास की भी कमी आने लगती है। ऐसे में व्यक्ति के लिए किसी डेंटिस्ट की राय ही काम आती है। अक्सर किसी के दांत खोने के पीछे कई कारण हो सकते है जैसे दांतों की सड़न। जो दांत के गिरने या दांत को हटाने का कारण बनती हैं। दांतों का खराब होना या चोट लगना भी दांतों के गिरने की एक वजह है। जिससे मसूड़ों में समस्या भी हो सकती है। हालांकि, जहां पर दांत नहीं है। उसके लिए कई वैकल्पिक समाधान हैं।
जहां पर दांत नहीं है, वहां पर दांतों को लगाना क्यों जरूरी है?
कई मरीज़ों के साथ ऐसा देखने को मिलता है। जिनके दांत न तो टूटते है और न ही उनमें सड़न होती है लेकिन वक्त के साथ उनके दांतों में खालीपन आ जाता हैं। जिससे दांत अधिक खुले-खुले दिखने लगते है। ऐसा केवल ठीक प्रकार से ब्रश न करने के कारण होता है।
अधिकतर लोग खाना खाने के बाद कुला नहीं करते है। जिससे दांतों में फँसा खाना उनको परेशान करता है। इसकी वजह से वे किसी धागे से या किसी पतली सी चीज़ से निकालने की कोशिश करते है। जिससे दांतों के बीच गैप आ जाता है और आपकी मुस्कान में बाधा उत्पन्न हो जाती है। साथ ही, खाना चबाते समय समस्या होती है। ऐसे में, दांतों में ब्रिज लगाया जाता है। यदि दांतो में अधिक गैप हो तो वहां कृत्रिम दांत भी लगाए जा सकते हैं।
डेंटल ब्रिज (Dental Bridge) क्या हैं?
डेंटल ब्रिज एक वैकल्पिक समाधान है। जब दो स्वस्थ दांतों के बीच एक दांत गायब हो जाता है, तब उन दो दांतों का सहारा लेकर एक प्रोस्थेटिक मुकुट देते हैं। या दंत पुलों को प्रत्यारोपण-समर्थित किया जा सकता है। यह खुली जगह में ठीक से फिट हो जाता है। वे मूल दांत के उद्देश्य को सौंदर्य से पूरा करते हैं और दांतों की उपस्थिति को बहाल करते हैं।
विभिन्न प्रकार के ब्रिज क्या उपलब्ध हैं?
किसी भी प्रकार के डेंटल ब्रिज को चुनने के लिए हर व्यक्ति के पास अलग-अलग विकल्प हो सकते हैं।
कुछ मुख्य प्रकार के डेंटल ब्रिज:
1. कैंटिलीवर ब्रिज: दांतों के अस्तित्व को बचाने के लिए ‘कैंटिलीवर ब्रिज’ का उपयोग किया जाता है। वे मुख्य रूप से चीनी मिट्टी के बरतन से बने होते हैं और धातु से जुड़ें होते हैं। इस प्रकार के पुल सामने के दांतों को सौंदर्य की दृष्टि से बहाल करने के लिए अधिक उपयुक्त हैं तो वही ब्रैकट ब्रिज अपने बड़ें आकार के कारण दाढ़ के दांतों के लिए उपयुक्त नहीं होते हैं।2. पारंपरिक ब्रिज: ‘पारंपरिक ब्रिज’ में लापता दांतो के दोनों किनारों पर एक ताज का निर्माण शामिल होता है। ये कई वर्षों से सबसे अधिक इस्तेमाल किए जाने वाले ब्रिज में से एक हैं। इस प्रकार के ब्रिज में एक कृत्रिम दांत का उपयोग होता है, जिसे पोंटिक कहा जाता है। जो हर तरफ पकड़ में होता है। ये ब्रिज मजबूत, टिकाऊ और लंबे समय तक चलने वाले होते हैं।3. मैरीलैंड बंधुआ ब्रिज: ‘मैरीलैंड बंधुआ ब्रिज’ धातु या प्लास्टिक के दांतों के साथ चीनी-मिट्टी के बरतन से बने होते हैं। चीनी-मिट्टी के बरतन ढांचे या धातु का उपयोग मसूड़ों को सहारा देने के लिए किया जाता है। मौजूदा दांत चीनी-मिट्टी के बरतन या धातु के पंखों से बंधे होते हैं। इस ब्रिज का रंग प्राकृतिक दांतों जैसा ही होता है। अन्य ब्रिज की तुलना में, मैरीलैंड बंधुआ पुलों को पड़ोसी दांतों की कम संरचना की आवश्यकता होती है।4. इम्प्लांट-सपोर्ट वाले ब्रिज:
ऐसे ब्रिज को पूरी तरह से डेंटल इम्प्लांट की मदद से सपोर्ट किया जाता है। इस प्रकार के पुल दाढ़ और प्रीमोलर जैसे पिछले दांतों के उपयोग में काम आते हैं। ये ब्रिज उन मरीज़ों के लिए उपयुक्त हैं जिनके बहुत से दांत नहीं है।
यह दांतों को बदलने के लिए ये कुछ विभिन्न प्रकार के डेंटल ब्रिज हैं।
डेंटल ब्रिज के क्या फायदे हैं?
1. सामान्य बोलचाल को बहाल करना: व्यक्ति के दांत नहीं होने पर उसकी सामान्य ज़िन्दगी और बोलने पर असर पड़ता है, इसलिए डेंटल ब्रिज एक अच्छा समाधान हैं। डेंटल ब्रिज के साथ बोलते समय एक व्यक्ति सहज और अच्छा महसूस कर सकता है।2. चबाने की क्षमता में सुधार करता है: यदि एक दांत भी गायब हो जाए तो खाना चबाते समय बहुत सारी समस्याएं होती हैं। डेंटल ब्रिज खाना खाते समय उसको ठीक से चबाने की क्षमता में सुधार लाता हैं। डेंटल ब्रिज के साथ खाना चबाते समय व्यक्ति को कभी भी किसी प्रकार का दर्द या समस्या महसूस नहीं हो सकती है।3. चेहरे की संरचना को बनाए रखता है: एक दांत नहीं होने की वजह से जबड़ें की हड्डी को नुकसान होता है, जिसकी वजह से समस्याएं उत्पन्न होने लगती है। यह धीरे-धीरे व्यक्ति के चेहरे की संरचना को विकृत करना शुरू कर देता है। डेंटल ब्रिज लापता दांत की जगह लगा सकते हैं, उसके बाद व्यक्ति के चेहरे की संरचना खराब नहीं होती बल्कि उसको अच्छी तरीके से बनाए रखने में मदद करता है।4. काटने की शक्ति का समान वितरण: एक दांत नहीं होता है तो भोजन चबाते समय व्यक्ति के लिए काटने के बल में कमी आती है। डेंटल ब्रिज की खासियत यहीं है कि मुंह में काटने वाले बल को ठीक से वितरित कर सकते हैं। यह भोजन चबाते समय व्यक्ति को अधिक सहज महसूस करा सकता है।5. आसन्न दांतों को हिलने से रोकता है: मुंह में यदि एक दांत की भी कमी हो जाती है तो यह आसन्न दांतों को खाली जगह की दिशा में ले जाने का कारण बनता है। हालांकि, डेंटल ब्रिज की तरह घोल लगाने से दांतों को दूसरी दिशाओं में जाने से रोकने में मदद मिल सकती है।6. मौखिक स्वास्थ्य में सुधार करता है: दंत ब्रिज खोए हुए का समाधान है, जोकि अन्य मौखिक मुद्दों से बचने में मदद करते हैं। यह व्यक्ति के समग्र मौखिक स्वास्थ्य में सुधार करता है।
दांत नहीं होने की समस्या के लिए डेंटल ब्रिज सॉल्यूशंस के ये कुछ लाभ हैं। ये उपयोग किए जाने वाले डेंटल ब्रिज के प्रकार दांतों की स्थिति और बजट की उपयुक्तता पर अधिक निर्भर करेगा। डेंटल ब्रिज ट्रीटमेंट के बाद व्यक्ति को कुछ दिनों तक कुछ सावधानियों का पालन करना चाहिए। डेंटल ब्रिज लापता दांत के जगह में अच्छी तरह से पूर्ण स्थिरता प्रदान करने में सहायता हो सकती हैं।
डेंटिस्ट की राय:
किसी भी व्यक्ति के पास दांतों के नहीं होने की समस्या का उचित समाधान होना बहुत आवश्यक है। डेंटिस्ट इसके लिए विश्वसनीय समाधानों में से एक के रूप में ब्रिज का सुझाव देते हैं। उपयुक्तता और लागत के आधार पर व्यक्ति कोई भी विकल्प चुन सकता है। किसी व्यक्ति के समग्र मौखिक स्वास्थ्य के लिए डेंटल ब्रिज के कई लाभ हैं।
Dr. Jena after graduating as a Dental Surgeon in 2007 she started working under a well known private practitioner as an associate Dentist. After one and a half years of experience in private clinic she joined a reputed trust Total Dental Care in january 2010 and continues her work with us till the time it got converted into a large dental chain SABKA DENTIST.
Dr.Jena is associated with SABKADENTIST from the time of its inception. Initially she worked as an associate Dentist and was promoted to the post of Dental Director in August 2011. Initially she was given a responsibility of handling many operations of the clinic. Her hard work paid off when she was ultimately given the charge of Audit and Compliance of all clinics of SABKADENTIST across 5 cities. Her solitary goal is to put the company on the peak through stringent Audit and Compliance.