दांत हमारे शरीर का अहम अंग है। जिनके स्वास्थ्य का ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है। जब भी किसी व्यक्ति को किसी तरह की मौखिक स्वास्थ्य समस्या का सामना करना पड़ता है तो ऐसे में उचित उपचार की आवश्यकता होती हैं। अब ज़ाहिर सी बात है कि समस्या आएगी तो उसके उपचार के लिए डेंटिस्ट या ऑर्थोडॉन्टिस्ट से ही संपर्क करेंगे। मगर बहुत से लोग डेंटिस्ट और ऑर्थोडॉन्टिस्ट के बीच अंतर को नहीं जानते हैं। उन्हें लगता है कि यह एक ही पेशे के पर्यायवाची नाम हैं। मगर यहां समझने की ज़रूरत है कि ऑर्थोडोंटिक उपचार तब किया जाता है। जब व्यक्ति को टेढ़े-मेढ़े दांत, ओवर बाइट, अंडर बाइट, क्रॉस बाइट या किसी भी प्रकार के दांतों के गलत संरेखण जैसी समस्या हो रही हो। ब्रेसेज़ को आपने कुछ लोगों के दांतों पर देखा होगा। दरअसल, यह इलाज ऑर्थोडोंटिस्ट से किया जाता हैं।

कौन है ऑर्थोडॉन्टिस्ट (Orthodontist)?

ऑर्थोडॉन्टिस्ट वे होते है, जो सामान्य दंत चिकित्सा की डिग्री को पूरा करने के बाद एक अतिरिक्त पूर्ण कालिक पाठ्यक्रम को करते हैं और यह डेंटिस्ट के द्वारा भी किया जाता हैं। मौखिक स्वास्थ्य की देखभाल के विशेषज्ञ दंत चिकित्सक और ऑर्थोडॉन्टिस्ट डॉक्टर होते हैं।

सामान्य दंत चिकित्सा का अध्ययन करने वाले डॉक्टरों को रोगियों के मसूड़ों, दांतों, जीभ और मुंह की स्थितियों का निदान और उपचार करने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है। ऑर्थोडॉन्टिस्ट भी यह प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं लेकिन वे आपके दांतों और जबड़ों के गलत संरेखण के निदान और उपचार में विशेषज्ञता के लिए अतिरिक्त शिक्षा प्राप्त करते हैं। जिसका मुख्य उद्देश्य किसी व्यक्ति के लिए स्वस्थ दांत संरेखण प्राप्त करना होता है।

ऑर्थोडोंटिक उपचार (Orthodontic Treatment) से किसे लाभ हो सकता है?

जिस व्यक्ति के दांत गलत तरीके से संरेखित हैं या अनुचित जबड़ें की गति की परेशानी हैं तो उसे ऑर्थोडोंटिक उपचार से गुजरना होगा।

यहां कुछ मामले दिए गए हैं, जो ऑर्थोडोंटिक उपचार की आवश्यकता को दर्शाते हैं:

    1. टेढ़े दांत: कुछ लोगों के दांत गलत ढंग से विकसित होते हैं जोकि टेढ़े-मेढ़े लगते हैं। इस प्रकार के दांत मुस्कुराते और बात करते समय ठीक नहीं लगते। जिससे हमारा आत्मविश्वास डगमगाने लगता है। इसके अलावा जटिल टेढ़े दांतों की जगह में भोजन के कण लगातार जमा हो जाते हैं। इसके कारण दांतों के सड़नें की संभावना तक बढ़ जाती है।
    2. संरेखण: गलत संरेखित दांत व्यक्ति के मुस्कुराते हुए चेहरे की शोभा को ख़राब कर देता है। दांतों का उचित संरेखण प्राप्त करने के लिए एक अच्छे ओर्थोडोंटिक उपचार की आवश्यकता होती है। उपयुक्त उपचार विकल्पों का उपयोग करके दांतों को स्ट्राइटर रूप में बनाया जा सकता है।
    3. अंडरबाइट ( Underbite) या ओवरबाइट (Overbite):

अंडरबाइट

    अंडरबाइट या ओवरबाइट संरेखण जबड़ें का एक गलत हिस्सा होता हैं। जहां भोजन चबाते समय ऊपरी और निचले जबड़ें का ठीक से मेल नहीं होता हैं। यह न केवल चबाते समय समस्या पैदा करता हैं, बल्कि मुस्कुराते हुए भी अज़ीब लगता हैं। जहां दांतों का केवल एक पक्ष दिखाई देता है।
    4. अतिरिक्त दांतों का विकास: अतिरिक्त दांत का बढ़ना भी दांतों की सफ़ाई में बाधा उत्पन्न करता हैं। ऐसे में, अतिरिक्त दांतों को हटाने से दांतों को साफ़ करने में सहायता मिल सकती है। यह व्यक्ति के दांत की संरचना को एक बेहतर रूप देगा। साथ ही, ऑर्थोडोंटिक उपचार अतिरिक्त दांतों को हटा सकता है और इनको बेहतर रूप देने के लिए उचित संरेखण बना सकता है।
    5. ब्रुक्सिज्म (Bruxism) :

ब्रुक्सिज्म

    ब्रुक्सिज्म एक ऐसी समस्या है, जो व्यक्ति के दोनों जबड़ों के दांत को आपस में पीसने या रगड़ने को कहा जाता है। अधिकतर यह समस्या रात को होती है। यह तनाव और शरीर में पसीना आने के कारण से होती है। इसका एक कारण अनुचित जबड़ें का या दांतों के गलत संरेखण भी होता है। ओर्थोडोंटिक उपचार बेहतर मौखिक स्वास्थ्य देने के लिए ब्रुक्सिज्म की समस्या को हल करने में मदद कर सकता है।

यह कुछ मौखिक स्वास्थ्य समस्याएं हैं, जहां व्यक्ति को ऑर्थोडोंटिक उपचार से लाभ मिल सकता है। अधिकांश ऑर्थोडोंटिक उपचार ब्रेसिज़ के साथ होते हैं इसलिए उपचार के दौरान आपको उचित देखभाल की आवश्यकता होती है। साथ ही, पूर्ण उपचार के लिए कुछ समय लगता है।

ऑर्थोडोंटिक उपचार के बाद व्यक्ति किस प्रकार से आराम का अनुभव कर सकता है?

    1. चोट के जोखिम का कम होना: जब टेढ़े-मेढ़े दांतों की उपस्थिति हो या दांतों का अनुचित संरेखण हो तो चोट लगने का ख़तरा होता है। ऑर्थोडोंटिक उपचार चोट के जोखिम को कम करने में सहायता प्राप्त करता है।
    2. भोजन चबाने में सुधार:

भोजन चबाने में सुधार

    दांतों या जबड़ें का सही संरेखण भोजन चबाने के अनुभव को काफी हद तक बेहतर बना सकता हैं। इसके बाद आप खाने के लिए कुछ कठिन खाद्य पदार्थों के साथ भी कोशिश कर सकते हैं।
    3. दांतों के आपस में टकराने के जोखिम का कम होना: टेढ़े-मेढ़े दांतों की समस्या, भीड़भाड़ या ऐसे ही किसी पहलू से दांत खराब होने की समस्या बढ़ जाती है। ऑर्थोडोंटिक उपचार ऐसी ही समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए है। साथ ही, दांतों के आपस में टकराने के जोखिम को कम करेगा।
    4. ब्रश करने और फ्लॉसिंग में सुधार: दांतों की अनुचित संरेखण दांतों की प्रक्रिया को साफ़ करने में कठिनाई पैदा करता है। ऑर्थोडोंटिक उपचार फ्लॉसिंग और ब्रश करने की गतिविधि के दौरान होने वाली कठिनाई को कम करता है।
    5. वाणी में प्रवाह: अनुचित दांत संरेखण के कारण बोलने में परेशानी होती है। उचित ऑर्थोडोंटिक संरेखण भाषण में अधिक प्रवाह प्राप्त करने में मदद करेगा। जो ऑर्थोडोंटिक परेशानियों के कारण संभव नहीं हैं।

इनके अलावा भी कई ऐसे अच्छे अनुभव हैं, जोकि इस उपचार के बाद व्यक्ति को मिल सकते हैं। मुस्कान में सुधार एक बड़ा लाभ है, जो व्यक्ति को ऑर्थोडोंटिक उपचार के बाद मिलता है। पहले ऑर्थोडोंटिक उपचार की प्रक्रिया के लिए केवल पारंपरिक धातु ब्रेसिज़ का उपयोग किया जाता था परन्तु अब सिरेमिक ब्रेसिज़, लिंगुअल ब्रेसिज़ और अलाइनर्स विकल्प जैसे और भी बहुत अच्छे विकल्प हैं। जल्द से जल्द उपचार प्राप्त करने से बेहतर मौखिक स्वास्थ्य प्राप्त करने में सहायता मिल सकती है।

डेंटिस्ट की राय:

    जब आपके दांतों में गलत संरेखण की समस्या होती है तो ऑर्थोडोंटिक उपचार फायदेमंद हो सकता है। दंत चिकित्सक उचित दांत संरेखण प्राप्त करने के लिए उचित ऑर्थोडोंटिक उपचार का सुझाव देते हैं। उपचार समस्या के प्रकार के अनुसार भिन्न हो सकता है। ऑर्थोडोंटिक आपके दांतों को ठीक से प्रकट करता है। जिससे मुस्कान में सुधार होता है और आप बात करते समय, मुस्कुराते समय अच्छे लगते है।

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